Khaamosh Lafzon Ki Kahaani!

बहुत कुछ बदल जाता है
जैसे जैसे उम्र छोटी होती जाती है,
और ज़िन्दगी बड़ी!

लगता है जैसे अभी तो ज़िन्दगी की ऊँगली पकड़कर चलना सीखा था,
जैसे अभी तो ज़िन्दगी का दामन थाम कर सम्भलना सीखा था!
ख़्वाबों के पंख अभी लगने ही थे
और जीवन में क्यारियां अभी खिलने को थी,
बहुत कुछ सीखने को अभी बाक़ी था
और खुद से मिलने को ज़िन्दगी तत्पर थी!

पर ये सफ़र यूँ चला है
कि मंज़िल का पता नहीं, राहें तन्हा है!
लगता है कि जैसे
सब कुछ बस एक सपना है!
बस सब कुछ सिर्फ एक याद बन कर रह गया है
कि जैसे कोई पुराने ज़माने का भटका हुआ लम्हा है!

सच बहुत कुछ बदल जाता है
जैसे जैसे उम्र छोटी होती जाती है
और ज़िन्दगी बड़ी!
बातें गीत बन जाती है,
मुलाक़ातें कहानियां बन जाती है,
वो मामूल जिससे ज़िन्दगी सजती थी
अब याद बन रह जाता है!
इरादें अब अधूरी सी नज़्म बन जाते है,
नज़दीकियां अब कविताओं में रह जाती है,
और ऐसा बहुत कुछ जो लफ़्ज़ों में नहीं समा पाता,
वो सारी ज़िन्दगानी खामोश लफ़्ज़ों की कहानी बन जाती है!

– साहिल
30 January, 2017

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Fir Wohi Baat

ये ज़िन्दगी भी अब
मौसम के जैसी लगती है!

ऑफिस की खिड़की से 
कब सुबह शाम में तब्दील हो जाती है,
और कब धूप तन्हा मायूस ही ढल जाती है
पता ही नहीं चलता!

शाम की ठंडी हवायें,
और आसमान से गिरती हल्की-हल्की बूँदें
इस बदन को सुस्ताने लगती है!

रात में ये आकाश बिलखने लगता है
ज़ोर ज़ोर से शोर कर चमकता है,
गुज़रे पलों की यादों में
ये आँखें और हसरतें,
रोते-रोते कब ख़्वाबों में गुम हो जाती है
पता ही नहीं चलता!

अचानक आँख खुलती है 
तो सुबह होती है,
फिर क्या…
मौसम की तरह ज़िन्दगी में भी
फिर वही बात होती है!!!

– Sahil
(26th September, 2016)

Ek Dost Tere Jaisa

Ek dost tere jaisa sabka hona chahiye!
Jo khali pade iss banzar dil ko jeena sikhaaye,
Jo chehre par muskuraahat ke khubsoorat rang sajae,
Jo suni padi in aankhon me jhaank kar inka haal bataye,
Ek dost tere jaisa sabka hona chahiye!!!

Ghanto gappe ladaye jis se, aur fir use hi kamina bulaye,
Jo meri har cheez par haq se apna adhikaar jataye,
Jo pani me fenk kar muje, bachaane ko khud bhi kud jaaye,
Ek dost tere jaisa sabka hona chahiye!!!

Jo dur hokar bhi paas hone ka ehsaas dilaaye,
Jise mere har kadam ka mujse pehle andaaza hojaye,
Jiske saath hum zindagi ka koi bhi raaz kehne se na katraaye,
Ek dost tere jaisa sabka hona chahiye!!!

Jo hamari galtiyon par hume sahi raah dikhaye,
Khuda bhi agar chaahe toh use humse cheen na paaye,
Zindagi me jo zindagi hone ka zariya ban jaye,
Sach me, ek dost tere jaisa sabka hona chahiye!!!


~ Sahil
(6th July, 2016)

Aankhon ke Ishaarein!

अनकही सी कितनी बातें कह जाते है,
महफिलों में प्यार के लफ्ज़ बन जाते है,
बेबसी इन लबों की ये अक्सर मिटा जाते है,
आँखों के इशारे 
जब प्यार की ज़ुबाँ बन जाते है!

जो बयाँ शब्दों से नहीं होता,
जो एहसास बातों में नहीं होता,
अजीब सी कशिश एक दूसरे से मिलने की,
आँखों के इशारे 
पलकों की झपकी में कर जाते है!

यादें, मुलाक़ातें या शोर करते सन्नाटों के दरमियाँ,
दिल के तारों को जोड़ते ये खामोश अफ़साने,
उल्फत की चादर ओढ़े अक्सर क़यामत कर जाते है,
आँखों के इशारे जब 
दो दिलों की एक धड़कन बन जाते है!

~ Sahil
(9th Jan, 2017)