गुज़रे पल!

ख़्वाबों के इस आलीशान जहाँ में
जो पल हमने साथ गुज़ारे,
वक़्त की बहती लहरों से
जो किनारे हमने खोज निकाले,
उन किनारों से लगे यादों के फसाने
अब अक्सर याद आयेंगे…
वो गुज़रे पल
अब अक्सर याद आयेंगे!

वो बातें…
जो रोज़ होती थी एक दूसरे से,
उन बातों को
अब अलविदा कहना होगा।
वो शामें…
जो रोज़ चाय की चुस्कियों में मिल जाती थी,
उन शामों को
अब अफसाना बनना होगा।
मुख़्तसर मुलाक़ातों से
लबों पर जो खुशियाँ सजती थी,
वो रातों की सौगातों में
जो यारों की दावत लगती थी,
वो यारों की यारियाँ
अब अक्सर याद आयेगी…
वो गुज़रे पल
अब अक्सर याद आयेंगे!

तुम्हारे संग बीते हर उस पल का
अब मुझे एहसास होगा,
हर वो लम्हा जो चलते-फिरते
हमने यूंही फैंक दिया था
अब आँखों में उन लम्हों का कतरा होगा।
दोस्तों के साथ लंच करने की आदत
अब हर रोज़ मुझको सतायेगी,
हँसते-खेलते जो बीत जाती थी राहें
अब वो राहें यादों के कारवाँ में लम्बी हो जाएगी।
लड़ते-झगड़ते जो राज़ खुलते थे एक दूसरे के
अब वो राज़ तन्हा ही रह जायेंगे,
दूर कहीं बैठे-बैठे कंप्यूटर के परदों पर ही
अब एक दूसरे से मिल पायेंगे।
डायरी के पन्नो में लफ़्ज़ों की जगह
अब कोरे कागज़ नज़र आयेंगे,
यादों की किताब में वो पुराने सफ़हे
अब अक्सर रातों में पलटते जायेंगे।
जाने कब मिलेगी ये राहें अब
जाने कब किस मोड़ हम फिर टकरायेंगे,
सहेज कर रखे है
उन यादों के फूल ख़्वाबों की डायरी में…
वो पन्ने भी अब
तुम्हारी यादों की महफ़िल में महक जायेंगे।
जब भी गुज़रेंगे उन पन्नो से
वो महके पल ये यारियाँ याद दिलायेंगे,
वो गुज़रे पल
उन यारों की कश्ती में…
अब अक्सर याद आयेंगे!

वो किस्से…
जो कभी हँसाते थे, कभी रुलाते थे,
उन किस्सो को भी
अब एक किस्सा बनना होगा।
वो फितरतें…
यारों से मिलने की,
उस फितरत की आदत को भी
अब बदलना होगा।
हर मुश्किल घड़ी में
जो हाथ पकडे रहते थे,
और ख़ुशी के पल
जिनके होने से आबाद होते थे,
उन खुशियों की दास्ताँ
अब अक्सर याद आयेगी…
वो गुज़रे पल
अब अक्सर याद आयेंगे!

खुशामदीद है दिल
जो तुम यारों का साथ मिला,
अनजान शहर में, अजनबियों के बीच
इस मुसाफिर को तुम्हारा प्यार मिला।
दुआ है ऊपरवाले से
हमारी राहें फिर कभी टकरायेगी,
गुज़रे पलों की हमारी राहें
एक दिन फिर मुस्कुरायेगी।
तहे दिल से शुक्रिया है आप सभी को
दोस्तों…
उन लम्हों का क्या है
वो गुज़रते जायेंगे,
नये शहर में, नये पन्ने पर,
नयी कहानी लिखते जायेंगे…
मगर फिर भी
वो गुज़रे पल उस नये शहर में
अब अक्सर याद आयेंगे!

ख़्वाबों के इस आलीशान जहाँ में
जो पल हमने साथ गुज़ारे,
वक़्त की बहती लहरों से
जो किनारे हमने खोज निकाले,
उन किनारों से लगे यादों के फसाने
अब अक्सर याद आयेंगे…
वो गुज़रे पल
अब अक्सर याद आयेंगे!

~~साहिल!

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